भारत में विभिन्न प्रकार के वाहनों को चलाने के लिए अलग अलग तरह के ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) की जरुरत पड़ती है.लेकिन क्या आपको पता है कि आप भारत के ड्राइविंग लाइसेंस की मदद से विदेशों में भी ड्राइविंग कर सकते हैं. आइये इस लेख में जानते हैं कि किन देशों में ऐसा किया जा सकता है.

Indian driving lisence

भारत में टू व्हीलर्स और फोर व्हीलर्स, कमर्शियल व्हीकल इत्यादि को चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की जरुरत पड़ती है. ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) तय करते हैं कि कोई व्यक्ति किस वाहन को चला सकता है और कब तक चला सकता है?

इन देशों में भारत के ड्राइविंग लाइसेंस की मदद से गाड़ी चला सकते हैं;

1. ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया में भारत की तरह ही सड़क के बाईं ओर ड्राइविंग की जाती है. अगर आपके एक वैध भारतीय लाइसेंस है जो कि अंग्रेजी में है, तो आप 3 महीने तक क्वींसलैंड, न्यू साउथ वेल्स, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी क्षेत्र और ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र में गाड़ी चला सकते हैं. यहां इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस की भी जरूरत होती है.
2. अमेरिका
भारत में गाड़ी को सड़क के बायीं और चलाया जाता है जबकि अमेरिका में सड़क के दायीं और गाड़ी चलाई जाती है. यदि किसी भारतीय के पास वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस है और वह अंग्रेजी भाषा में है तो आप अमेरिका में पूरे साल कहीं भी गाड़ी चला सकते हैं. यदि आपका ड्राइविंग लाइसेंस अंग्रेजी में नही है तो आपको अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट के साथ साथ फॉर्म I-94 की कॉपी भी अपने साथ रखनी होगी.फॉर्म I-94 में आपके अमेरिका आने की तारीख लिखी होती है

इस देश में सड़क के दायीं तरफ गाड़ी चलायी जाती है. यहां की सड़कों पर आप इंडियन ड्राइविंग लाइसेंस से 1 साल तक ड्राइविंग का मजा ले सकते हैं. हालांकि, लाइसेंस की फ्रेंच कॉपी अपने साथ रखनी होगी.

4.जर्मनी

जर्मनी में भी सडक के दाई साइड गाड़ी चलाई जाती है. इस देश में आप इंडियन ड्राइविंग लाइसेंस से 6 महीने तक गाड़ी चला सकते हैं. यहां इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत नहीं होती, लेकिन आपको अपने साथ इंडियन लाइसेंस की इंग्लिश में ट्रांसलेटिड कॉपी रखनी जरूरी है. आप चाहें तो इसे दूतावास से भी ट्रांसलेट करा सकते हैं. इसके साथ ही आपके पास गाड़ी से जुड़े सभी डॉक्युमेंट्स होने जरूरी है.

5. मॉरीशस

अगर आपके पास भारत का ड्राइविंग लाइसेंस (इंग्लिश भाषा में) और अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट है तो आप इस छोटे से देश को एक दिन में ही पूरा घूम सकते हैं. यहाँ पर सड़क के बायीं और ड्राइविंग की जाती है.

6. नॉर्वे

डनाइट सन की भूमि कहे जाने वाले इस देश में गाड़ियाँ सड़क के दायीं तरफ चलायीं जाती हैं. यहाँ आप इंडियन ड्राइविंग लाइसेंस पर सिर्फ 3 महीने ही गाड़ी चला सकते हैं इसके साथ ही लाइसेंस का अंग्रेजी में होना भी जरूरी है.

7. न्यूजीलैंड

भारतीय ड्राइवर, इंडियन ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर न्यूजीलैंड में केवल तब ही ड्राइव कर सकते हैं जब वे 21 वर्ष या उससे ऊपर हों. यहाँ पर सड़क के बायीं तरफ गाड़ी चलाई जाती है. लाइसेंस का अंग्रेजी में होना जरूरी है, या फिर न्यूजीलैंड ट्रांसपोर्ट एजेंसी से ट्रांसलेट कराया जाना चाहिए.

8. स्विट्जरलैंड

स्विट्जरलैंड में बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच गाड़ी चलाना किसी का भी सपना हो सकता है. स्विट्जरलैंड में गाड़ी सड़क के दायीं ओर चलाई जाती है. यहाँ आप भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस से 1 साल तक गाड़ी चला सकते हैं. हालांकि, अमेरिका और साउथ अफ्रीका की तरह यहां भी आपके ड्राइविंग लाइसेंस का अंग्रेजी में होना जरूरी है.

9. साउथ अफ्रीका

दक्षिण अफ्रीका में गाड़ी सड़क के बायीं ओर चलाई जाती है. साउथ अफ्रीका में गाड़ी चलाने के लिए आपका ड्राइविंग लाइसेंस अंग्रेजी में होना चाहिए. इसके साथ ही यह भी ध्यान रखें कि आपके पास अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट भी होना चाहिए क्योंकि वहां की वाहन कम्पनियाँ गाड़ी किराये पर देते समय अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट भी मांगतीं हैं.

तो इस प्रकार आपने पढ़ा कि भारत का ड्राइविंग लाइसेंस कितना ताकतवर है जिसकी मदद से आप ना केवल अपने देश में बल्कि विदेशों में भी गाड़ी चला सकते हैं.